आखिर रविवार को ही क्यों मिलती है छुट्टी, इसके पीछे की वजह आपको भी पता होना चाहियें!

0
129

नमस्कार दोस्तों,बच्चे स्कूल जाते हों या कोई व्यक्ति नौकरी करता हो हम सभी को रविवार का इंतजार रहता है। क्योकि इस दिन सभी लोग अपने काम और पढ़ाई से हटकर अपने परिवार के साथ मस्ती करना या समय बिताना चाहते है, या वो करना चाहते है जिससे उनको ख़ुशी मिलें!

आपको जानकारी देदें की वैज्ञानिक शोध में खुलासा हुआ है कि हफ्तें के सात दिनों में एक दिन छुट्टी का होना जरुरी है। क्योकि इससे हमारे दिमाग और शरीर को शांति और रिलेक्स होने का मौका मिलता है। लगातार काम करने से हमारे शरीर और दिमाग दोंनो थक जाते हैं! इसलिए हफ्तें में एक दिन छुट्टी से दोनों को आराम मिलता है। लेकिन क्या आपको पता है की छुट्टी केवल रविवार को ही क्यों मिलती है? चलियें जानते है इस बारे में!

बतादे ऐसा इसाई धर्म के अनुसार होता है। दरसल दुनिया के कई बड़े देशों में ईसाई धर्म माना जाता है। वही भारत में भी कई सालों तक अंग्रेजों का राज रहा और इस कारण यहां भी कई चीजें अंग्रेजों की ही देन हैं। बतादे ईसाई धर्म में माना जाता है कि ईश्वर ने धरती बनाने में 6 दिन लगाए थे! इसके बाद उन्होंने सातवें दिन यानि की रविवार को आराम किया था,और इसी मान्यता के अनुसार अंग्रेजों ने रविवार को ही आराम का दिन मान लिया।

इस गौरी मेम ने भारतीय चाय अमेरिका में बेचकर खड़ी कर दी 200 करोड़ की कंपनी

जानकरी देदें की सन 1843 में तय किया गया था कि भारत में भी रविवार की छुट्टी रहेगी। गर्वनर जेनरल ने स्कूल, कॉलेजो,दफ्तरों और सभी जगहों में रविवार को हमेशा के लियें छुट्टी घोषित की थी। साथ ही उनका मानना था कि ऐसा करने से छात्र पढ़ाई पर और लोग अपने काम पर ज्यादा अच्छे से ध्यान लगाएंगे,क्योंकि उन्हें एक दिन आराम और अपने बाकि काम के लिए मिल जाएगा। वही एक दिन आराम करने से हमारे दिमाग में रचनात्मक उर्जा बढ़ती है।

बतादे सबसे पहले भारत में रविवार की छुट्टी मुंबई में दी गई थी। इसके अलावा रविवार की छुट्टी होने के पीछे एक और कारण है। दरअसल सभी धर्मों में एक दिन भगवान के नाम का होता है। जैसे की हिंदूओं में सोमवार भगवान शिव का या मंगलवार हनुमानजी का। ऐसे ही मुस्लिमों में शुक्रवार यानि की जुम्मा होता है। जानकारी देदें की मुस्लिम बहुल्य देशों में रविवार की जगह शुक्रवार की छुट्टी दी जाती है। इसी तरह ईसाई धर्म में रविवार को ईश्वर का दिन मानते हैं और अंग्रेजों ने भारत में भी उसी परंपरा को बरकरार रखा था जो आज तक चली आ रही है!

तो दोस्तों आर्टिकल पसंद आया तो लाईक और अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करें!

यह ख़बर भी देखें- कौन है यह शख्स ? जो IPL मैच के दौरान बैठा था शाहरुख़ खान के साथ, नहीं है कोई आम आदमी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here